अयोध्या के कुम्हारों के जीवन में ‘दीप’ जला रही योगी सरकार, दीपोत्सव बना कुम्हारों के लिए समृद्धि का अवसर
अयोध्या, 5 अक्टूबर: अयोध्या में दीपोत्सव ने स्थानीय कुम्हारों के जीवन को नई दिशा दी है। योगी आदित्यनाथ सरकार के प्रयासों से शुरू हुआ यह वार्षिक आयोजन कुम्हारों के लिए रोज़गार और समृद्धि का बड़ा अवसर साबित हो रहा है। एक समय में रोज़गार की कमी से जूझ रहे कुम्हार अब केवल दीपोत्सव के दौरान ही लखपति बन रहे हैं।
इस वर्ष, दीपोत्सव का आठवां संस्करण मनाया जाएगा, जिसमें 25 लाख दीयों के प्रज्ज्वलन का लक्ष्य रखा गया है। जयसिंहपुर गांव के 40 कुम्हार परिवार इस दीपोत्सव के लिए दीयों को तैयार करने में जुटे हुए हैं। इन कुम्हारों के लिए योगी सरकार की पहल ने आर्थिक समृद्धि का मार्ग प्रशस्त किया है।
दीपोत्सव से बदली कुम्हारों की ज़िंदगी:
जयसिंहपुर गांव की लक्ष्मी प्रजापति बताती हैं कि दीपोत्सव के लिए उन्हें हर साल 30 से 35 हजार दीयों का ऑर्डर मिलता है, जिससे उनकी आमदनी में काफी वृद्धि हुई है। इसी गांव के राकेश प्रजापति का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ऐलान के बाद उनकी आमदनी में बड़ा इजाफा हुआ है।
गांव की आशा प्रजापति ने बताया कि पहले लोग चाइनीज लाइटों से घर सजाते थे, लेकिन अब मिट्टी के दीयों की मांग काफी बढ़ गई है।
दीपोत्सव से मिला कुम्हारों को सम्मान:
राजेश प्रजापति का मानना है कि योगी सरकार की वजह से कुम्हार समुदाय को नई पहचान मिली है। “पहले हमें कोई नहीं जानता था, लेकिन अब हमारी बनाई दीयों से अयोध्या रोशन होती है,” उन्होंने गर्व से कहा।
दीपोत्सव के बढ़ते कीर्तिमान:
2017 से शुरू हुए इस दीपोत्सव में हर साल प्रज्वलित दीयों की संख्या बढ़ती गई है। 2017 में जहां 1.71 लाख दीए जलाए गए थे, वहीं 2023 में यह संख्या बढ़कर 22.23 लाख तक पहुंच गई। इस वर्ष 2024 में, 25 लाख दीयों के प्रज्ज्वलन का कीर्तिमान रचने की तैयारी है।
दीपोत्सव ने कुम्हारों के जीवन में नई रोशनी फैलाई है, और अयोध्या के इस ऐतिहासिक आयोजन ने उन्हें न केवल आर्थिक समृद्धि दी है बल्कि एक नई पहचान और सम्मान भी दिलाया है।






