रेलवे के नियमों की उडी धज्जियां – काली सूचीबद्ध ठेकेदार सिद्रा ट्रेडर्स के नाम से कर रहे काम

वाराणसी। बरेका (Banaras Locomotive Works) में ठेकेदारी कार्यों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। प्रतिबंधित ठेकेदार कौशल सिंह पुत्र सत्यनारायण सिंह, जिसकी दो फर्में मेसर्स सत्यनारायण सिंह कॉन्ट्रेक्टर और मेसर्स कौशल किशोर सिंह कॉन्ट्रेक्टर पहले ही संदेहास्पद गतिविधियों के चलते बरेका में प्रतिबंधित की गई थीं,

अब एक बार फिर अधिकारियों की आंखों में धूल झोंककर सक्रिय पाए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, ये ठेकेदार पहले भी बरेका में स्क्रैप चोरी के मामले में पकड़े जा चुके हैं। इतना ही नहीं, इनका सहयोगी भूपेंद्र पाल 22 मार्च 2016 को मंडुवाडी रेलवे स्टेशन से शिवगंगा एक्सप्रेस के जरिए 33 बोरियों में लाखों का रेलवे सामान पार्सल के माध्यम से भेजने की कोशिश करते हुए RPF की चौकन्नी टीम द्वारा पकड़ा गया था।

इसके बावजूद, चार से पांच सालों में इन ठेकेदारों ने अधिकारियों को गुमराह कर मेसर्स सिद्रा ट्रेडर्स की पावर ऑफ अटॉर्नी लेकर ठेकेदारी कार्य शुरू कर दिए। यह रेलवे के नियमों का सीधा उल्लंघन है।
रेलवे के प्रावधानों के अनुसार, जिस फर्म या व्यक्ति को प्रतिबंधित किया जाता है, वह पूरे भारत में रेलवे से संबंधित किसी भी ठेकेदारी कार्य में भाग नहीं ले सकता।
रेलवे पर बड़े सवाल
आखिर प्रतिबंधित ठेकेदार सिद्रा ट्रेडर्स के नाम से कैसे काम कैसे कर रहे हैं?
विजिलेंस और उच्च अधिकारी इस खेल पर क्या कार्रवाई करेंगे?
यह मामला न केवल रेलवे प्रशासन की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है, बल्कि रेलवे संपत्ति की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा करता है।






