शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर ठगी करने वाले 26 साइबर आरोपी जमानत पर रिहा
वाराणसी। शहर में करोड़ों की साइबर ठगी के मामले में पकड़े गए आरोपियों को अदालत से राहत मिली है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार की अदालत ने शनिवार शाम 29 में से 26 आरोपियों को 25-25 हजार रुपये की दो जमानतें और बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया। दो अन्य आरोपी रविवार को अपनी जमानत अर्जी दाखिल करेंगे।
गौरतलब है कि 20 अगस्त को डीसीपी क्राइम सरवणन के नेतृत्व में लक्सा और सिगरा थाना क्षेत्र में संयुक्त छापेमारी कर 26 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। यह गिरोह कॉल सेंटर के जरिए लोगों को शेयर मार्केट में निवेश और ट्रेडिंग के नाम पर झांसा देकर भारी-भरकम मुनाफे का लालच देता था।
आरोपी फर्जी वीडियो और गलत निवेश टिप्स भेजकर क्यूआर कोड और ऑनलाइन भुगतान के माध्यम से लोगों से करोड़ों रुपये ठगते थे।पुलिस ने आरोपियों के पास से 54 मोबाइल फोन, लैपटॉप, चेकबुक, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और कई अहम दस्तावेज बरामद किए थे। जांच में एक मोबाइल नंबर नेपाल का भी मिला।
एनसीआरबी पोर्टल पर इस गैंग के खिलाफ पहले से ही 57 शिकायतें दर्ज थीं।वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, बृजपाल सिंह यादव गुड्डू, नरेश यादव और संदीप यादव ने आरोपियों की ओर से पैरवी की। अभियोजन पक्ष पुलिस की ओर से पेश अधूरे साक्ष्यों के कारण जमानत रोकने में नाकाम रहा।अदालत ने किशन झा, शुभम राय, नीतीश कुमार राय, पवन कुमार पांडेय, शुभम जायसवाल, ज्ञानेंद्र राय, सूर्यांश गुप्ता, चंदन पांडेय समेत 26 आरोपियों को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
बताया जाता है कि यह गिरोह पिछले दो साल से वाराणसी में सक्रिय था और दक्षिण भारत के राज्यों तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक के अलावा गुजरात और महाराष्ट्र के लोगों को खास तौर पर निशाना बना रहा था।-






