नगर निगम के अतिक्रमण अभियान पर सवाल: खाली कराए गए पार्क पर फिर कब्जे का आरोपअन्नपूर्णा नगर कॉलोनी में कार्रवाई के बाद सबमर्सिबल लगाकर निर्माण व व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने का आरोप,
28जून 2026 की कार्यवाई की तस्वीर


वाराणसी । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में नगर निगम द्वारा सरकारी और बंजर जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान लगातार जारी है।
मेयर के नेतृत्व में चल रही इस कार्रवाई की शहरवासियों ने सराहना की है, जिसके तहत अब तक कई स्थानों पर करोड़ों रुपये की सरकारी जमीनें अतिक्रमण से मुक्त कराई गई हैं। करमकता क्षेत्र में करीब 100 करोड़ रुपये और नेवादा क्षेत्र में करीब 200 करोड़ रुपये की जमीन पर कार्रवाई की चर्चा भी रही है।
इस अभियान को शहर को व्यवस्थित बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
इसी क्रम में अन्नपूर्णा नगर कॉलोनी, पासपोर्ट कार्यालय के सामने, डॉ. एस.के. यादव के समीप स्थित एक पार्क को भी नगर निगम ने 28 जून 2026 को अतिक्रमण मुक्त कराया था। उस समय स्थानीय लोगों में संतोष का माहौल था, लगभग 10000 स्क्वायर फिट पार्क की जमीन लंबे समय से कथित दबंग यादव परिवार के कब्जे में था और सार्वजनिक उपयोग बाधित हो रहा था।
लेकिन अब स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्रवाई के कुछ समय बाद ही उसी स्थान पर दोबारा कब्जा हो गया है।लोगों के अनुसार संबंधित दबँग यादव परिवार द्वारा फिर से सबमर्सिबल लगाकर परिसर का उपयोग किया जा रहा है और वहां मकान व व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं।
8अगस्त 2026 की तस्वीर

अधिकारियों की भूमिका पर सवाल, लापरवाही के आरोप स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि अतिक्रमण हटाने के बावजूद दोबारा कब्जा संभव हुआ है तो यह नगर निगम की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। लोगों का आरोप है कि इसमें संबंधित विभागीय अधिकारियों की लापरवाही की जांच होनी चाहिए।
स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि अतिक्रमण हटाने के बाद उसकी सुरक्षा और दोबारा कब्जा रोकने की जिम्मेदारी भी प्रशासन की होती है, लेकिन निगरानी के अभाव में ऐसे मामले फिर सामने आ रहे हैं।
इस मामले में नगर निगम और संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आना आवश्यक है।
कुछ दिन पहले स्थानीय लोगों के अनुसार, अन्नपूर्णा नगर कॉलोनी में गोली चलने की घटना हो चुकी है। ऐसे में सार्वजनिक पार्क और सरकारी भूमि पर दोबारा कब्जे को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है।
नागरिकों ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच कर यह सुनिश्चित किया जाए कि सार्वजनिक भूमि पर दोबारा कब्जा न हो।
अभियान की सराहना, लेकिन निगरानी पर सवालनगर निगम के अतिक्रमण हटाने के अभियान की व्यापक सराहना हो रही है,
लेकिन जिन स्थानों को खाली कराया जा चुका है वहां दोबारा कब्जे की शिकायतें सामने आने से निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, कथित कब्जा हटाया जाए और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।





