वाराणसी में डेढ़ वर्षीय बच्ची से छेड़खानी: पुलिस की सुस्ती पर स्थानीय लोगों का आक्रोश, जांच जारी

वाराणसी के जंसा थाना क्षेत्र के एक गांव में डेढ़ वर्ष की मासूम बच्ची के साथ घिनौनी हरकत का मामला सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। इस घटना ने न केवल स्थानीय निवासियों को हिलाकर रख दिया है, बल्कि पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। बच्ची के पिता ने इस घटना की शिकायत जंसा थाने में दर्ज कराई है, लेकिन पुलिस की धीमी कार्रवाई पर लोग आक्रोशित हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता के पिता ने बताया कि उनकी डेढ़ वर्ष की बेटी आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ने गई थी। स्कूल की छुट्टी के बाद गांव का एक युवक बच्ची को अपनी पकड़ में लेकर उसके साथ छेड़खानी करने लगा। जब मासूम बच्ची दर्द से चिल्लाने लगी तो स्कूल की शिक्षिका, बच्ची की दादी, और भाई मौके पर पहुंचे। उन्हें देखकर आरोपी ने न केवल गाली-गलौज की बल्कि जान से मारने की धमकी भी दी। इस घटना से पीड़ित परिवार हतप्रभ है और उन्हें न्याय की उम्मीद में पुलिस की शरण में जाना पड़ा।
पुलिस की धीमी कार्रवाई और स्थानीय लोगों का आक्रोश
बच्ची के पिता ने तुरंत जंसा थाने में तहरीर देकर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। हालांकि थाना प्रभारी बैजनाथ सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है, इस मामले में पुलिस की सुस्ती को लेकर स्थानीय लोग बेहद नाराज हैं।
जनता का मानना है कि इस तरह की गंभीर घटना में पुलिस को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए थी, लेकिन उनके इस धीमे रवैये से न्याय मिलने में देरी हो रही है। पुलिस की निष्क्रियता के कारण आरोपी को अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया है, जिससे वह खुलेआम घूम रहा है और पीड़ित परिवार पर दोबारा हमला करने का खतरा बना हुआ है।
सवालों के घेरे में पुलिस
इस घटना के बाद पीड़ित परिवार और स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि पुलिस प्रशासन को इस मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल और सख्त कार्रवाई करनी चाहिए थी। इस प्रकार की घटनाओं में पुलिस की निष्क्रियता अपराधियों के हौसले बुलंद कर सकती है और समाज में भय का माहौल पैदा कर सकती है। पीड़ित परिवार ने अब उच्च अधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप कर न्याय की गुहार लगाई है।
उनका कहना है कि अगर पुलिस समय रहते कार्रवाई नहीं करती तो उन्हें न्याय के लिए सड़कों पर उतरना पड़ेगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस प्रशासन को अपनी जिम्मेदारी का एहसास होना चाहिए और ऐसी घटनाओं में देरी न करते हुए दोषियों को तुरंत गिरफ्तार करना चाहिए ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और समाज में अपराधियों के खिलाफ कड़ा संदेश जाए।