वाराणसी : सिगरा थाने के दरोगा व कांस्टेबल को जिला एवं सत्र न्यायालय ने किया तलब, 11 फरवरी को पेश होने का आदेश

वाराणसी। जिला एवं सत्र न्यायालय, वाराणसी से चर्चित रशीद प्रकरण में बड़ा न्यायिक घटनाक्रम सामने आया है। न्यायालय ने थाना सिगरा में तैनात दरोगा पंकज पांडेय तथा माताकुंड चौकी के कांस्टेबल धीरेंद्र कुमार दीक्षित के विरुद्ध विधिवत नोटिस जारी करते हुए दोनों को 11 फरवरी 2026 को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होने का आदेश दिया है।

यह कार्रवाई रशीद अख्तर द्वारा दायर आपराधिक रिवीजन को स्वीकार किए जाने के बाद की गई है। न्यायालय ने रिवीजन को सुनवाई योग्य मानते हुए प्रथम दृष्टया गंभीर कानूनी प्रश्न पाए, जिसके आधार पर संबंधित पुलिसकर्मियों से जवाब तलब किया गया।

अधिवक्ताओं की दलीलों से प्रभावित हुआ न्यायालय

मामले की सुनवाई के दौरान रशीद अख्तर की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता आशुतोष शुक्ला ने तथ्यों और कानून के आधार पर प्रभावशाली एवं सुस्पष्ट दलीलें प्रस्तुत कीं। न्यायालय ने अधिवक्ताओं की दलीलों को गंभीरता से लेते हुए रिवीजन स्वीकार किया और नोटिस जारी करने का आदेश पारित किया।

विवेचना पर उठे सवाल

रिवीजन याचिका में आरोप लगाया गया है कि संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध रही तथा मामले की विवेचना निष्पक्ष नहीं की गई। न्यायालय ने इन तथ्यों को गंभीर मानते हुए दोनों पुलिसकर्मियों की व्यक्तिगत उपस्थिति आवश्यक समझी।

पुलिस जवाबदेही की दिशा में अहम कदम

न्यायालय के इस आदेश को पुलिस जवाबदेही और निष्पक्ष जांच की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब 11 फरवरी 2026 को प्रस्तावित सुनवाई के दौरान आगे की न्यायिक कार्यवाही की दिशा तय होगी।