निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के लिए डॉ. इन्दुकान्त दीक्षित को ‘ऑब्जर्वर बेस्ट जर्नलिस्ट अवार्ड

’साढ़े तीन दशक की पत्रकारिता में सिद्धांतों और मूल्यों को रखा सर्वोपरि, नई पीढ़ी के पत्रकारों के लिए बने प्रेरणास्रोत

वाराणसी, 2 अक्टूबर 2026। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूती प्रदान करने तथा निष्पक्ष, निर्भीक, त्वरित और जनसरोकारों से जुड़ी पत्रकारिता के लिए पत्रकारिता जगत की पांच प्रमुख हस्तियों को इस वर्ष ‘ऑब्जर्वर बेस्ट जर्नलिस्ट अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है।

इनमें द प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI) एवं भाषा, मंगलूरू (कर्नाटक) के ब्यूरो प्रमुख एवं प्रधान संवाददाता डॉ. इन्दुकान्त दीक्षित का नाम प्रमुख रूप से शामिल है।

ऑब्जर्वर पीस फाउंडेशन ने डॉ. इन्दुकान्त दीक्षित को उनकी निष्पक्ष, निर्भीक, त्वरित और उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुना है। लगभग साढ़े तीन दशकों के अपने पत्रकारिता जीवन में डॉ. दीक्षित ने पत्रकारिता के मूल्यों, सिद्धांतों और जनसरोकारों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।

फाउंडेशन के पदाधिकारी डॉ अमर ज्योति सिंह ने कहा के अनुसार, डॉ. दीक्षित ने अपने लंबे पत्रकारिता जीवन में समाचारों की विश्वसनीयता, तथ्यपरकता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए निरंतर कार्य किया। बदलते मीडिया परिदृश्य और चुनौतियों के बीच पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें विशिष्ट बनाती है।

डॉ. इन्दुकान्त दीक्षित की पत्रकारिता यात्रा को फाउंडेशन ने कर्तव्यनिष्ठा, निष्पक्षता और सामाजिक सरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता का उदाहरण बताया है। उनके कार्य और पत्रकारिता के प्रति समर्पण को नई पीढ़ी के पत्रकारों के लिए अनुकरणीय बताते हुए फाउंडेशन ने कहा कि लंबे समय तक पत्रकारिता के मूल्यों को मजबूती से कायम रखना अपने आप में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

इसी क्रम में ए.एन.आई. (ANI), वाराणसी के ब्यूरो प्रमुख डॉ. गिरीश कुमार दूबे, द पायोनियर, वाराणसी के विशेष संवाददाता श्री रमेश कुमार सिंह, द टाइम्स ऑफ इंडिया, वाराणसी के वरिष्ठ संवाददाता श्री बिनय सिंह तथा जनवार्ता हिन्दी दैनिक/डिजिटल, वाराणसी के समूह संपादक डॉ. राजकुमार सिंह को भी इस वर्ष के ‘ऑब्जर्वर बेस्ट जर्नलिस्ट अवार्ड’ दिया गया फाउंडेशन के पदाधिकारी डॉ अमर ज्योति सिंह ने कहा कि पत्रकारिता महज समाचारों के संप्रेषण का माध्यम नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनमत निर्माण, जनसमस्याओं को सामने लाने, शासन-प्रशासन को जवाबदेह बनाने और समाज को जागरूक करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी पत्रकारों के कंधों पर होती है।ऐसे समय में जब पत्रकारिता का स्वरूप तेजी से बदल रहा है, लंबे समय से पत्रकारिता के मूल्यों और सिद्धांतों के प्रति समर्पित पत्रकारों को सम्मानित करना न केवल उनके योगदान की पहचान है, बल्कि नई पीढ़ी के पत्रकारों को तथ्यपरक, निष्पक्ष और जनहितकारी पत्रकारिता के लिए प्रेरित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल है।