अब काशी में भी लें ऑनलाइन फलों का सलाद, स्प्राउट्स सहित ताजा जूस

अतुल पांडेय, निलय उपाध्याय और रामानंद तिवारी ने मिल कर काशी वाशियों को स्वस्थ रखने का बीड़ा उठाया ।

कोविड—19 के दौर में स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखना एक चुनौति से कम नहीं है. इसके लिए स्वस्थ और बेहतर खानपान सबसे ज्यादा जरूरी है. व्यक्ति अपने रोजाना के खानपान में सही डायट ले ये बेहद जरूरी है. उन्हें यह सब प्राकृतिक सामानों से ही मिल सकता है. व्यक्ति शुदृ और प्राकृतिक प्रदत भोजन लेंगे तो कई संक्रामक रोगों से बचे रह सकते हैं. इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए वाराणसी के युवाओं ने एक खास पहल की है. इनका उदृेश्य कम समय और मांग के अनुसार वक्त पर प्राकृतिक प्रदत फ्रूड लोगों तक उपलब्ध कराना है. सोच समय के अनुसार नो प्रॉफिट-नो लॉस कॉन्सेप्ट पर बेस्ड है.

संक्रमण काल और वक्त की मांग को देखते आनलाइन स्टार्टअप शुरू किया है.www.envirfoods.in पर आप इनके उत्पाद ले सकते हैं. यहां शुदृध और प्राकृतिक तत्वों से बने सामान उपलब्ध हैं. मुख्य रूप से फ्रूट सलाद, भाप पर पकी हुई सब्जियां, जूस, देशी गाय के दूध एटू मिलक और डेसरी प्रोडक्ट के साथ अंकुरित अनाजों के बॉक्स को ऑनलाइन उपलब्ध कराया जा रहा है. मांग के अनुसार ये ताजा सामान लोगों तक पहुंचाने का कार्य करेंगे. बीस लोगों की इस युवा टीम ने शुक्रवार को प्रेस कान्फ्रेंस में बताया कि इनका मुख्य उदृेश्य हरएक व्यक्ति तक शुदृध रूप से बने खाद्द सामान पहुंचाना है.

प्रेस वार्ता में मौजूद स्टार्टअप के संस्थापक श्री रमानंद तिवारी और श्री अतुल पांडेय ने बताया ​कि कोविड के दौर में लोगों तक वह सामान नहीं पहुंच पा रहा है जिसकी उन्हें जरूरत है, खासकर खाद्द पदार्थ की. इसे देखते हुए इन्होंने ‘प्रकृति के साथ प्यार और स्नेह का उत्पाद लोगों के घर—घर तक पहुंचाने का सं​कल्प लेते हुए इस स्टार्टअप की शुरुआत की. ये ताजा फल, फलों का सलाद, अंकुरित अनाज, भाप पर पकी ताजा सब्जियां और स्वास्थ्यवर्धक चीजों को जन—जन तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं.

ये है आनलाइन उपलब्ध
समाज में स्वस्थ, जैविक, ताजा और प्राकृतिक भोजन की आदतों को विकसित करने के लिए शुरुआत में सात से भी अधिक सीजनल ताजे फलों के सलाद, अंकुरित अनाज और दाल, जूस और भाप पर पकाई गईं सात से भी अधिक हरी और ताजी सब्जियां उपलब्ध करा रहे हैं. तत्काल ऑर्डर पर तुरंत तैयार कर सामान उपलब्ध कराया जा रहा है. इसे संरक्षित (प्रिजर्व्ड) नहीं किया जाता है. ना ही किसी भी तरह के प्रिजर्वेटिव का प्रयोग किया जाता है. डिलीवरी के लिए पर्यावरण के अनुकूल बॉक्स हैं. बॉक्स में निश्चित स्वास्थ्यवर्धक चीजें जैसे शहद, सूखे मेवे आदि भी हैं जो आपको हर बॉक्स में उपलब्ध होंगी.

जरुरतमंदों की करेंगे मदद
स्टार्टअप के संयोजक श्री अतुल पांडेय ने बताया कि यह काम बिना लाभ-बिना नुकसान के फॉर्मेट पर किया जा रहा है. कोविड के दौर में लोगों का जीवन सिर्फ खानपान के चलते प्रभावित हुआ है. साथ ही ऐसी स्थिति भी आ गई कि समाज के एक तबके के पास खाने का भी संकट हो गया. इसलिए हमने तय किया है कि प्रतिदिन अपने कुल बॉक्स के 10 प्रतिशत हिस्से को हम जरुरतमंदों में बांट देंगे. हमारा प्रारंभिक उद्देश्य स्वस्थ खान पान की आदत को बढ़ावा देना है जिसके बाद हम ऑर्गेनिक खेती की तरफ रुख़ करेंगे.

A2 मिल्क है खास
इस पूरे कार्यक्रम में देशी गाय और उसके प्रॉडक्ट को लेकर काफी चर्चा की गई. सामान्य तौर पर देसी गाय के दूध में आठ प्रकार के प्रोटीन, इक्कीस प्रकार के एमीनो एसिड, छः प्रकार के विटामिन, पच्चीस प्रकार के खनिज तत्व, आठ प्रकार के किण्वन, दो प्रकार की शर्करा, चार प्रकार के फाॅस्फोरस यौगिक और उन्नीस प्रकार के नाइट्रोजन होते हैं. विटामिन ए-1, केरोटिन डी-ई, टोकोकेराल, विटामिन बी-1, बी-2, रिवोफलेविन बी-3, बी-4 तथा विटामिन सी है इसके मार्फत श्री पांडेय ने बताया, ‘देशी गाय हमारे देश की अपनी और सबसे पुरानी नस्ल है. इसका दूध बिना किसी बाहरी प्रभाव के होता है. हालांकि वह कम दूध देती है और यही कारण है कि बनारस की सड़कों पर वह लावारिस घूमती दिख जाती हैं. लेकिन उसकी गुणवत्ता अतुलनीय है. हमारा उद्देश्य अपने देश की गायों को अलग महत्व के साथ प्रस्तुत करना है. इसलिए हम A2 मिल्क उपलब्ध करा रहे हैं.

प्रेस वार्ता में प्रतिष्ठित साहित्यकार निलय उपाध्याय, अजीत कुमार सिंह, अजीत मिश्र, प्रवीण कुमार, विनय पांडेय, भानू प्रताप, शाश्वत, विपुल, वैभव, विभू, सुंदरम, राजू, सौम्या, अतुल, श्रीनिवास, गौरव, समीर, मयंक व सदस्य मौजूद रहे.

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